Friday, January 25, 2019

पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के घर समेत 30 जगहों पर सीबीआई के छापे

सीबीआई ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के रोहतक स्थित आवास समेत दिल्ली और हरियाणा में 30 से ज्यादा जगहों पर शुक्रवार सुबह छापा मारा। सीबीआई ने यह कार्रवाई गुरुग्राम में जमीन घोटाले से जुड़े मामले में की।

हुड्डा की शुक्रवार को जींद के सेक्टर-9 में रैली होनी थी। सुबह 5 बजे ही सीबीआई ने छापा मारा। भूपेंद्र हुड्डा जींद रैली के चलते रोहतक आवास में ही ठहरे हुए थे। हुड्डा के घर की अलमारियों के ताले खोलने के लिए दो एक्सपर्ट बुलाने पड़े। ये करीब एक घंटा अंदर रहे। उन्होंने बताया कि करीब 6 से 7 अलमारियों के लॉक खोले गए।

सीबीआई के इस छापे को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को गलत तरीके से जमीन आवंटन के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस नेता और पूर्व विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा ने आरोप लगाया है कि जींद उपचुनाव को देखते हुए भाजपा सरकार ने यह कार्रवाई कराई। इस मामले से हुड्डा का कोई लेना देना नहीं है, उन्हें बदनाम किया जा रहा है।

क्या है एजेएल मामला?

एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड कांग्रेस नेताओं और गांधी परिवार के नियंत्रण वाली कंपनी है। कंपनी को हुड्डा के मुख्यमंत्री और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के चेयरमैन रहते प्लॉट रि-अलॉट किया गया। मोतीलाल वोरा एजेएल के चेयरमैन रहे हैं। 

24 अगस्त 1982 को पंचकूला सेक्टर-6 में 3360 वर्गमीटर का प्लॉट नंबर सी-17 तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने एजेएल को अलॉट कराया था। कंपनी ने 10 साल तक कंस्ट्रक्शन नहीं किया तो 30 अक्टूबर 1992 को हुड्डा ने अलॉटमेंट रद्द कर प्लॉट पर वापस कब्जा ले लिया।

28 अगस्त 2005 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हुड्‌डा ने अफसरों के मना करने के बावजूद एजेएल को 1982 की मूल दर पर ही प्लॉट अलॉट करने की फाइल पर साइन कर दिए थे। इसी दौरान पंचकूला में एसोसिएट जर्नल लिमिटेड को जमीन आवंटित की थी।

आरोप है कि एजेएल को यह जमीन आवंटित करने के लिए नियमों की अनदेखी की गई। इससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपए के रेवेन्यू का नुकसान हुआ। ये प्लॉट 496 वर्ग मीटर से लेकर 1280 वर्ग मीटर तक के थे, जिसके लिए हुड्डा के पास 582 आवेदन आए थे। अलॉटमेंट के लिए 14 का चयन किया गया था।

खट्टर सरकार ने सत्ता में आते ही इस मामले की जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दी थी। विजिलेंस ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

सीबीआई को कुछ नहीं मिला- हुड्डा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, "इस तरह की रेड पहले भी होती रही है, ये सब बदले की भावना से किया जा रहा। वे (विपक्षी) सोचते हैं कि मेरी आवाज दबा देंगे लेकिन मेरी आवाज नहीं दब सकती। मैं एक स्वतंत्रता सेनानी परिवार से हूं, अंग्रेज हमारी आवाज नहीं दबा सके तो ये क्या करेंगे? सीबीआई ने मेरे खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज की है, उसी संबंध में रेड हुई। उन्हें कुछ नहीं मिला। हुड्डा ने कहा कि मुझे जींद चुनाव में प्रचार के लिए जाना था लेकिन इस रेड के बाद नहीं जा रहा हूं।"

Thursday, January 17, 2019

ओसाका, हालेप और निशिकोरी तीसरे दौर में पहुंचे; वावरिंका-थिएम बाहर

ऑस्ट्रेलियन ओपन के दूसरे दौर के मुकाबले में नाओमी ओसाका, कैरोलिन प्लिस्कोवा और केई निशिकोरी को जीत हासिल हुई। वहीं, स्विट्जरलैंड के स्टेन वावरिंका को हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम को चोट के कारण रिटायर होकर बाहर जाना पड़ा। चौथी वरीयता प्राप्त जापान की ओसाका ने स्लोवेनिया की तमारा जिडानेक को 6-2, 6-4 से हराया। ओसाका की नजर लगातार दूसरे ग्रैंडस्लैम खिताब पर है। उन्होंने पिछले साल का आखिरी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट यूएस ओपन अपने नाम किया था।

तीन ग्रैंडस्लैम विजेता वावरिंका चार सेट में हारे
महिला एकल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी रोमानिया की सिमोना हालेप भी तीसरे दौर में पहुंच गईं। उन्होंने अमेरिका की 20 वर्षीय सोफिया केनिन को 6-3 6-7(5) 6-4 से हराया। दूसरी ओर, अमेरिका की वीनस विलियम्स ने फ्रांस की एलिजे कॉर्नेट को 6-3 4-6 6-0 से हराया।

छठी वरीयता प्राप्त उक्रेन की एलिन स्वितोलिना ने स्लोवाकिया की विक्टोरिया कुजमोवा को 6-4, 6-1 से हराया। वहीं, सातवीं वरीय चेक गणराज्य की कैरोलिन प्लिस्कोवा ने अमेरिका की मेडिसन ब्रिंगल को 4-6, 6-1, 6-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

पुरुष एकल में जापान के केई निशिकोरी ने पांच सेट तक चले मुकाबले में क्रोएशिया के इवो कार्लोविच को  6-3 7-6(6) 5-7 5-7 7-6(7) से हराया। दूसरी ओर, तीन ग्रैंडस्लैम विजेता वावरिंका को मांटेनेग्रो के मिलास राउनिच ने चार सेटों तक चले मैच में  6-7(4) 7-6(6) 7-6(11) 7-6(5) से हराया।

ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम को चोट के कारण रिटायर होना पड़ा। हालांकि, जब वे मैच से बाहर हुए तब ऑस्ट्रेलिया के वाइल्डकार्ड अलेक्स पॉपिरिन 7-5, 6-4, 2-0 से आगे थे। थिएम की वर्ल्ड रैंकिंग आठ है। वहीं, पॉपिरिन 149वें स्थान पर हैं।

पॉवेल की परेशानी तब और बढ़ गई जब उन्हें पता लगा कि उनके पास पैसे कम बचे हैं, उनका फोन काम नहीं कर रहा और वहां की भाषा नहीं समझ सकते। तभी एक पोलिश समझने वाली महिला उनके पास आई और परेशानी पूछी। महिला ने पॉवेल की बात उनकी बेटी से कराई और पोलैंड की फ्लाइट में टिकट बुक कराया।

पोलैंड की फ्लाइट में बैठने से पहले पॉवेल ने टिकट फ्लाइट स्टाफ को टिकट दिखाया और तस्दीक की कि विमान पोलैंड ही जा रहा है। पॉवेल की बेटी लुसाइना ने बताया- उस वक्त मेरे पास फोन आया था। मैंने देखा कि कॉल माल्टा से था। मुझे उसी वक्त लगा कि कहीं कुछ गलत हुआ है। फिर मैंने देखा कि कोई वॉट्सऐप पर मैसेज लिख रहा है। मैं रोने लगी और डर गई। पापा एक दूसरे देश में थे। मैं समझ ही नहीं पा रही थी कि वो वहां कैसे पहुंचे।

लुसाइना ने यह भी कहा- मैं उन्हें लेकर चिंतित थी। मुझे यही चिंता थी कि अगर कोई उनकी मदद नहीं करेगा तो उनका वापस लौटना मुश्किल होगा। क्योंकि उनके पास पैसे नहीं थे, फोन काम नहीं कर रहा था। सही मायने में वह अकेले थे। लेकिन सबकुछ ठीक हो गया।

Wednesday, January 9, 2019

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में नहीं खेलेंगे बुमरा

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार गेंदबाजी करने वाले जसप्रीत बुमरा वनडे और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का हिस्सा नहीं होंगे. बुमरा को दोनों सीरीज के लिए आराम दिया गया है.

टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया की जीत में बुमरा ने अहम भूमिका निभाई थी और 21 विकेट झटके थे. बुमरा की जगह तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को वनडे टीम में शामिल किया गया है, जबकि सिद्धार्थ कौल को टी-20 टीम में शामिल किया गया है.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि बीसीसीआई ने बुमरा को वनडे और टी-20 सीरीज में आराम देने का फैसला लिया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में बुमरा की जगह मो.सिराज लेंगे और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में सिद्धार्थ कौल उनकी जगह लेंगे.  

बता दें कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट सीरीज जीत में बुमरा के योगदान पर बोलते हुए कहा था कि अगर आपके तेज गेंदबाज खुश हैं और एक टीम के तौर पर लड़ाई कर रहे हैं, तो आप दुनिया में कहीं भी जीत सकते हैं और आपके पास विश्व में कहीं भी जीतने का मौका होता है. कोहली ने कहा कि पिछले 12 महीने में मैं उनके योगदान को उसी तरह से देखूंगा जैसे पूरे सीजन में बल्लेबाजों ने प्रदर्शन किया.

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया में मिली ऐतिहासिक जीत को बड़ी उपलब्धि बताया है. उन्होंने इसका श्रेय टीम की बल्लेबाजी को दिया. बता दें कि टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में खेली गई चार टेस्ट मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की. यह आंकड़ा 3-1 भी हो सकता था, लेकिन चौथे मैच के पांचवें और आखिरी दिन का खेल बारिश के भेंट चढ़ गया और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ.

टीम इंडिया की यह ऑस्ट्रेलिया में पहली सीरीज जीत है. इसी के साथ टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने वाली एशिया की पहली टीम भी बन गई है.गांगुली ने कहा कि यह शानदार जीत है. भारतीय टीम ने अच्छी क्रिकेट खेली और टीम के बल्लेबाजों ने समय पर अच्छा काम किया. उन्होंने 400 से 600 तक रन बनाए और यही जीत का कारण रहा.

विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने वाले भारत के पहले कप्तान बन गए हैं. गांगुली से जब कोहली की टीम की तुलना उस टीम से करने को कहा जिसने गांगुली के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया में सीरीज 1-1 से ड्रॉ कराई थी? इस पर बाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि मैं कभी तुलना नहीं करता. इसलिए मैं इस सवाल का जबाव नहीं दूंगा.

तेम्बा वावुमा (पांच पायदान ऊपर 26वें स्थान) पहली बार शीर्ष 30 में शामिल हुए हैं जबकि कप्तान फाफ डु प्लेसिस का छह स्थान का फायदा हुआ है और अब वह 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं. गेंदबाजों में वर्नोन फिलैंडर एक पायदान ऊपर तीसरे जबकि डुआने ओलिवर चार पायदान चढ़कर 32वें स्थान पर पहुंच गए हैं. पाकिस्तानी बल्लेबाजों में असद शाफिक पांच स्थान आगे 24वें जबकि बाबर आजम 25वें स्थान पर पहुंच गए हैं.

शान मसूद 22 पायदान की छलांग लगाकर करियर की सर्वश्रेष्ठ 65वीं जबकि कप्तान सरफराज अहमद 42वें से 37वें स्थान पर पहुंच गए हैं. गेंदबाजों में शाहीन अफरीदी ने 13 स्थान आगे 60वें नंबर पर पहुंच गए हैं. टीम रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं आया है. भारत 116 अंक के साथ शीर्ष पर बना हुआ है. ऑस्ट्रेलिया (101) को एक अंक का नुकसान हुआ लेकिन वह पांचवें स्थान पर बरकरार है. 

Tuesday, January 1, 2019

अमेठी में दावेदारी की जंग, 4 जनवरी को आमने-सामने होंगे राहुल-स्मृति

2019 का आगाज होते ही लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. राजनीतिक पार्टियां अब आम चुनाव को देखते हुए अपने कदम को आगे बढ़ी रही हैं. उत्तर प्रदेश की वीआईपी लोकसभा सीटों में से अमेठी पर भी सभी की नजरें हैं. यहां से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सांसद हैं. 4 जनवरी को राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी दोनों ही यहां का दौरा करेंगे. बता दें कि 2014 में स्मृति ईरानी ने यहां से लोकसभा चुनाव लड़ा था. अब दोनों एक साथ यहां का दौरा कर रहे हैं ऐसे में ये टक्कर दिलचस्प हो सकती है.

भारतीय जनता पार्टी अमेठी को लेकर लगातार अपनी सक्रियता दिखाती रही है. पिछले 15 दिनों में स्मृति का यह दूसरा दौरा है. इससे पहले वह अमेठी को 77 करोड़ योजनाओं की सौगात दे चुकी हैं और उन्होंने यहां नवोदय विद्यालय में रोजगार मेले का शुभारंभ भी किया था.

कई कार्यक्रम में शामिल होंगे राहुल गांधी

अमेठी सांसद के प्रतिनिधि चंद्रकांत दुबे ने बताया कि राहुल गांधी चार जनवरी को दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचेंगे. वह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाईअड्डे पर उतरकर सड़क मार्ग से अमेठी पहुंचेंगे जहां वह विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे.

कंबल बांटने आ रही हैं स्मृति

अमेठी में राघवराम सेवा संस्थान द्वारा चार जनवरी को कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिसमें कार्यक्रम की मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को बनाया गया है.

भाजपा के लोकसभा संयोजक राजेश मसाला की मानें तो केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी चार जनवरी को अमेठी पहुंच रही हैं. इस दौरान वह आवासीय विद्यालय की आधारशिला रखेंगी और अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगी.

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के बाद से भाजपा लगातार अमेठी पर फोकस किए हुए है. अभी बीते दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी अमेठी में एक जनसभा की थी. स्मृति ईरानी भी लगातार यहां सक्रिय रहती हैं.

Thursday, December 27, 2018

अमेरिका के कोलिन ने बिना मदद अकेले अंटार्कटिका पार किया, ऐसा करने वाले पहले व्यक्ति

अमेरिका के कॉलिन ओ'ब्रेडी (33) अंटार्कटिका महाद्वीप को अकेले और बिना किसी की मदद के पार करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं। उन्होंने उत्तर से दक्षिण अंटार्कटिका तक 1600 किमी की दूरी 54 दिन में पार की। 

मैंने अपना लक्ष्य पूरा किया
कोलिन ओ'ब्रेडी ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "वे 32 घंटे मेरी जिंदगी के सबसे चुनौतीपूर्ण रहे। इस दौरान मैंने बेहतरीन पलों को जिया। मैं हमेशा लक्ष्य पर निगाहें टिकाए रहा। मैं यह सब इसलिए लिख पाया क्योंकि अभी तक सोया नहीं।'' ब्रेडी के अभियान पर जीपीएस से नजर रखी जा रही थी।

ओ'ब्रेडी और ब्रिटेन के कैप्टन लुई रड (49) ने 3 नवंबर को अलग-अलग यूनियन ग्लेशियर से अंटार्कटिका की यात्रा शुरू की थी। 1996-97 में नॉर्वे के बोर्ग ऑसलैंड पहली बार अकेले अंटार्कटिका पार करने वाले व्यक्ति बने थे लेकिन उन्होंने हवा की दिशा की जानकारी के लिए पतंगों की मदद ली थी।

180 किलो सामान साथ था
ओ'ब्रेडी ने करीब 180 किलो सामान खींचा। वह दक्षिण ध्रुव पर 12 दिसंबर (यात्रा के 40वें दिन) को पहुंच गए थे। प्रशांत महासागर में स्थित फिनिशिंग पॉइंट रॉस आइस शेल्फ पर वह 26 दिसंबर को पहुंचे। रड उनसे दो दिन पीछे चल रहे हैं।

नाश्ता करते हुए तय किया कि बाकी दूरी एक बार में तय कर लूंगा
इंस्टाग्राम पर ओ'ब्रेडी लिखते हैं, ‘‘जैसे ही मैंने नाश्ता किया, दिमाग में एक ही सवाल घूम रहा था कि क्या मैं बाकी बचा रास्ता एक ही बार तय कर पाऊंगा? इसके बाद मैंने अपने जूते बांधे और असंभव को जीतने (124 किमी की बची दूरी) निकल पड़ा।’’

न्यूयॉर्क टाइम्स ने ओ'ब्रेडी के अभियान को ध्रुवीय जीत के इतिहास में सबसे उल्लेखनीय बताया। लिखा, ‘‘अंतिम 124 किमी की दूरी एक बार में तय करना आसान नहीं था, वह भी तब जब व्यक्ति (ओ'ब्रेडी) 53 दिन में हजारों किमी की दूरी तय कर चुका हो। उन्होंने अपने लिए ऐसा लक्ष्य तय किया, जिसे अक्सर लोग बीच में ही छोड़ देते हैं।’’

अंटार्कटिका पर सबसे पहले नॉर्वे के रोआल्ड एमंडसेन और उनके बाद ब्रिटेन के रॉबर्ट फाल्कन स्कॉट पहुंचे थे। 2016 में ब्रिटिश आर्मी अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल हेनरी वॉर्स्ले भी अकेले दक्षिण ध्रुव पार करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उनकी मौत हो गई।

Tuesday, December 18, 2018

प्यार में पहल करने में महिलाओं की मदद करेगा ये ऐप

बदलते दौर में प्यार करने की परिभाषाएं बदल रही हैं और प्यार के इजहार की वह परंपरा भी टूट रही है, जिसमें प्यार में इजहार करने का झंडा सिर्फ पुरुष थामे रखता है. महिलाओं में ऑनलाइन प्यार तलाशने का चलन बढ़ा है, मुखर हो रहीं महिलाएं आगे बढ़कर पुरुषों से प्यार का इजहार करने से भी नहीं हिचकिचा रही हैं.

कुछ बरस पहले तक ऑनलाइन डेटिंग करने वालों को हिकारत भरी नजरों से देखा जाता था, लेकिन अब यह एक ट्रेंड बन गया है. एक अनुमान के मुताबिक, अब हर पांच में से एक रिलेशनशिप ऑनलाइन शुरू हो रहा है, यह वजह है कि ऑनलाइन डेटिंग एप्स की बाढ़ आ गई है. अमेरिका और यूरोप में स्टैब्लिश कई बड़ी डेटिंग कंपनियां भारत में कारोबार खड़ा कर रही हैं. इसी में से एक है, 'बम्बल' जिसमें हाल ही में प्रियंका चोपड़ा ने भी निवेश किया है.

'बम्बल' डेटिंग एप को महिला प्रधान एप कहा जा रहा है, जिसकी अपनी वजहें हैं. इसका जवाब देते हुए इसकी को-फाउंडर व्हाइटनी वोल्फ कहती हैं, "ऑनलाइन डेटिंग को लेकर खासतौर पर महिलाओं में हमेशा से थोड़ा-सा संशय रहता है. इसलिए भारत में महिला सशक्तीकरण के मोटो के साथ एप को लॉन्च किया गया है."

दुनियाभर में 'बम्बल' का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 4.5 करोड़ से अधिक है.

डेटिंग एप अब किस तरह महिला प्रधान हो रहे हैं? इसका जवाब देते हुए नारीवादी गीता यथार्थ कहती हैं, "बम्बल ने डेटिंग एप के क्षेत्र में क्रांति ला दी है. इस डेटिंग एप में महिलाओं की सुरक्षा और कंफर्ट को ध्यान में रखकर कई बेहतरीन फीचर्स तैयार किए गए हैं. मसलन, इस एप पर महिलाएं ही सबसे पहले पहल कर सकती हैं. अगर किसी लड़के को किसी लड़की की प्रोफाइल पसंद भी आ गई तो वह उसे मैसेज नहीं कर पाएगा. फोटो डाउनलोड नहीं कर पाएगा, किसी तरह की ऑनलाइन स्टॉकिंग तो भूल ही जाइए."

वह कहती हैं, "बम्बल की तरह अब कई और महिला प्रधान डेटिंग एप शुरू हो सकते हैं, क्योंकि अब भारतीय महिलाएं संकोच के आवरण से बाहर निकलकर हर चीजों में हाथ आजमा रही हैं."

ऑनलाइन डेटिंग का यह फैशन पश्चिमी देशों से होता हुआ भारत पहुंचा है. सबसे पहला डेटिंग एप 1995 में शुरू हुआ, जिसका नाम 'मैच डॉट कॉम' था. इसके बाद 2000 में 'ईहार्मनी' और 2002 में 'एश्ले मैडिसन' शुरू हुआ, जिन्होंने ऑनलाइन डेटिंग का शुरुआती क्रेज शुरू किया. साल 2012 में 'टिंडर' लॉन्च हुआ, जो पहला डेटिंग एप था, जिसमें स्वाइप की सुविधा थी.

मार्च, 2014 तक टिंडर पर दुनियाभर में रोजाना की दर से एक अरब जोड़ों के मैच हो रहे थे. साल 2014 में ही टिंडर की को-फाउंडर व्हाइटनी वोल्फ ने बम्बल शुरू किया, जो महिला प्रधान डेटिंग एप है. 1990 के दशक में ऑनलाइन डेटिंग एक स्टिग्मा था लेकिन अब एक-तिहाई शादियां ऑनलाइन ही हो रही हैं.

'बम्बल' ने अपनी वेबसाइट पर टैगलाइन लिखी है, "बंबल पर महिलाएं पहले कदम बढ़ाती हैं. हम आपके लिए मैदान तैयार कर रहे हैं और डेटिंग के तरीके बदल रहे हैं. हमारा मानना है कि रिश्तों की शुरुआत सम्मान और समानता के साथ होनी चाहिए."

'वू डेटिंग' एप द्वारा हाल ही में कराए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, इस तरह की ऑनलाइन डेटिंग एप पर महिलाओं और पुरुषों के बीच लैंगिक भेदभाव बहुत ज्यादा है. 'क्वाट्र्ज इंडिया' के मुताबिक, 20,000 शहरी लोगों पर किए गए सर्वे से पता चलता है कि भारत में डेटिंग एप पर महिलाओं की तुलना में पुरुष तीन गुना अधिक है.

Tuesday, December 11, 2018

इंटरनेट से अछूते दुनिया के आखिरी देश क्यूबा में 3G शुरू

अफ्रीकन देश क्यूबा के नागरिकों को अब इंटरनेट सुविधा मिल गई है। गुरुवार से यहां सभी नागरिकों के लिए पहली बार 3G इंटरनेट सेवा शुरू कर दी गई। यह दुनिया का आखिरी देश है, जहां इंटरनेट सर्विस शुरू हुई। क्यूबा की टेलीकॉम कंपनी ETECSA ने यह सर्विस शुरू की है। हालांकि, यहां पहले भी इंटरनेट था, लेकिन इसका इस्तेमाल सभी लोग नहीं कर पाते थे।

4 जीबी डेटा की कीमत 2100 रुपए, इतनी ही मजूदरी मिलती है
क्यूबा में इंटरनेट सर्विस शुरू करने वाली टेलीकॉम कंपनी ने इसके प्लान भी जारी कर दिए। इसके मुताबिक, क्यूबा के नागरिकों को हर महीने का प्लान 30 डॉलर (करीब 2100 रुपए) में मिलेगा, जिसमें सिर्फ 4 जीबी 3G डेटा का ही इस्तेमाल कर सकेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा की आबादी 1.12 करोड़ है। इनमें से भी सिर्फ 50 लाख लोग ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। यहां के ज्यादातर लोग मजदूरी करके ही अपना गुजारा करते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा में महीने की औसतन मजदूरी ही 30 डॉलर है जबकि कई श्रमिकों को तो इससे भी कम मजदूरी मिलती है। लिहाजा, इंटरनेट के लिए ये कीमत यहां के लोगों के लिए ज्यादा हो सकती है।

अभी तक वाई-फाई और इंटरनेट कैफे के भरोसे थे लोग
ऐसा नहीं है कि यहां पहली बार इंटरनेट आया है। इससे पहले भी यहां इंटरनेट था, लेकिन हर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पाता था। 2013 तक यहां पर इंटरनेट सिर्फ महंगे होटलों में ही था ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक इसका इस्तेमाल कर सकें।

इसके बाद 2017 में यहां पर इंटरनेट के लिए देशभर में वाई-फाई हॉटस्पॉट और इंटरनेट कैफे शुरू किए गए। अभी क्यूबा में देशभर में 1200 वाई-फाई हॉटस्पॉट हैं, जिसका इस्तेमाल सिर्फ 20 लाख लोग ही कर पाते हैं।

यहां पर तकरीबन 670 इंटरनेट कैफे हैं जहां एक घंटे इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए एक डॉलर (करीब 70 रुपए) देना होता है।

भारत में 3 रुपए में 1 जीबी डेटा, क्यूबा में 525 रुपए में
भारत में 4G इंटरनेट सर्विस आ चुका है और 5G को लेकर भी तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं, लेकिन क्यूबा में फिलहाल 3G कनेक्टिविटी ही आई है।

क्यूबा में हर महीने 4 जीबी डेटा के लिए 2100 रुपए का खर्च करना होगा, यानी एक जीबी डेटा के लिए करीब 525 रुपए।

भारत में जियो की तरफ से 399 रुपए में 126 जीबी 4G डेटा, 84 दिनों के लिए मिलता है। इस हिसाब से एक दिन में 1.5 जीबी डेटा के लिए 4.75 रुपए खर्च करने होते हैं जबकि एक जीबी डेटा की कीमत सिर्फ 3 रुपए के आसपास आती है।

भारत में जियो 4 जीबी 4G डेटा सिर्फ 12 रुपए में देता है जबकि क्यूबा में इतने ही 3G डेटा के लिए 2100 रुपए खर्च करने होते हैं जो भारत की 4G सर्विस की कीमत से भी 175 गुना महंगा है।