ऑस्ट्रेलियन ओपन के दूसरे दौर के मुकाबले में नाओमी ओसाका, कैरोलिन प्लिस्कोवा और केई निशिकोरी को जीत हासिल हुई। वहीं, स्विट्जरलैंड के स्टेन वावरिंका को हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम को चोट के कारण रिटायर होकर बाहर जाना पड़ा। चौथी वरीयता प्राप्त जापान की ओसाका ने स्लोवेनिया की तमारा जिडानेक को 6-2, 6-4 से हराया। ओसाका की नजर लगातार दूसरे ग्रैंडस्लैम खिताब पर है। उन्होंने पिछले साल का आखिरी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट यूएस ओपन अपने नाम किया था।
तीन ग्रैंडस्लैम विजेता वावरिंका चार सेट में हारे
महिला एकल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी रोमानिया की सिमोना हालेप भी तीसरे दौर में पहुंच गईं। उन्होंने अमेरिका की 20 वर्षीय सोफिया केनिन को 6-3 6-7(5) 6-4 से हराया। दूसरी ओर, अमेरिका की वीनस विलियम्स ने फ्रांस की एलिजे कॉर्नेट को 6-3 4-6 6-0 से हराया।
छठी वरीयता प्राप्त उक्रेन की एलिन स्वितोलिना ने स्लोवाकिया की विक्टोरिया कुजमोवा को 6-4, 6-1 से हराया। वहीं, सातवीं वरीय चेक गणराज्य की कैरोलिन प्लिस्कोवा ने अमेरिका की मेडिसन ब्रिंगल को 4-6, 6-1, 6-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
पुरुष एकल में जापान के केई निशिकोरी ने पांच सेट तक चले मुकाबले में क्रोएशिया के इवो कार्लोविच को 6-3 7-6(6) 5-7 5-7 7-6(7) से हराया। दूसरी ओर, तीन ग्रैंडस्लैम विजेता वावरिंका को मांटेनेग्रो के मिलास राउनिच ने चार सेटों तक चले मैच में 6-7(4) 7-6(6) 7-6(11) 7-6(5) से हराया।
ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम को चोट के कारण रिटायर होना पड़ा। हालांकि, जब वे मैच से बाहर हुए तब ऑस्ट्रेलिया के वाइल्डकार्ड अलेक्स पॉपिरिन 7-5, 6-4, 2-0 से आगे थे। थिएम की वर्ल्ड रैंकिंग आठ है। वहीं, पॉपिरिन 149वें स्थान पर हैं।
पॉवेल की परेशानी तब और बढ़ गई जब उन्हें पता लगा कि उनके पास पैसे कम बचे हैं, उनका फोन काम नहीं कर रहा और वहां की भाषा नहीं समझ सकते। तभी एक पोलिश समझने वाली महिला उनके पास आई और परेशानी पूछी। महिला ने पॉवेल की बात उनकी बेटी से कराई और पोलैंड की फ्लाइट में टिकट बुक कराया।
पोलैंड की फ्लाइट में बैठने से पहले पॉवेल ने टिकट फ्लाइट स्टाफ को टिकट दिखाया और तस्दीक की कि विमान पोलैंड ही जा रहा है। पॉवेल की बेटी लुसाइना ने बताया- उस वक्त मेरे पास फोन आया था। मैंने देखा कि कॉल माल्टा से था। मुझे उसी वक्त लगा कि कहीं कुछ गलत हुआ है। फिर मैंने देखा कि कोई वॉट्सऐप पर मैसेज लिख रहा है। मैं रोने लगी और डर गई। पापा एक दूसरे देश में थे। मैं समझ ही नहीं पा रही थी कि वो वहां कैसे पहुंचे।
लुसाइना ने यह भी कहा- मैं उन्हें लेकर चिंतित थी। मुझे यही चिंता थी कि अगर कोई उनकी मदद नहीं करेगा तो उनका वापस लौटना मुश्किल होगा। क्योंकि उनके पास पैसे नहीं थे, फोन काम नहीं कर रहा था। सही मायने में वह अकेले थे। लेकिन सबकुछ ठीक हो गया।
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