Monday, February 25, 2019

कहां है बालाकोट, जहां हो रही हमले की बात

पाकिस्तान का दावा है कि भारत ने उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल आसिफ़ गफ़ूर ने कहा है कि भारत के विमानों ने मुज़फ़्फ़राबाद में घुसपैठ किया लेकिन पाकिस्तान की तत्काल कार्रवाई के बाद पीछे हटना पड़ा.

भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा ज़िले में सीआरपीएफ़ के एक काफ़िले पर हमले और 40 से ज़्यादा जवानों के मारे जाने के बाद से भारत और पाकिस्तान में तनाव की स्थिति बनी हुई है.

भारत का कहना है कि वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को तबाह कर दिया है.

पाकिस्तान में इसे लेकर काफ़ी हलचल है. कुछ पाकिस्तानी पत्रकारों का कहना है कि भारत ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हमला नहीं किया है बल्कि बालाकोट में किया है.

पाकिस्तानी पत्रकार मुशर्रफ़ ज़ैदी ने ट्वीट कर कहा है, ''बालाकोट आज़ाद कश्मीर में नहीं है. अगर भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में बम गिराए हैं तो यह तो नियंत्रण रेखा और आज़ाद कश्मीर के भी पार है. बालाकोट ख़ैबर पख़्तुनख़्वा में है. इंडिया ने केवल नियंत्रण रेखा ही पार नहीं किया है कि बल्कि यह पाकिस्तान पर हमला है.''

हालांकि इस बात को लेकर भी बहस छिड़ गई है कि किस बालाकोट में भारतीय लड़ाकू विमान पहुंचे थे. यह बहस पाकिस्तान और भारत दोनों जगह हो रही है.

पाकिस्तानी पत्रकार मुशर्रफ़ ज़ैदी समेत जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी पूछा है कि यह बालाकोट पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर वाला है या ख़ैबर पख़्तुनख़्वा वाला.

इस बीच पाकिस्तान के आर्मी प्रवक्ता ने ट्वीट कर जानकारी दी है, ''भारतीय लड़ाकू विमान नियंत्रण रेखा के पार मुज़फ़्फ़राबाद सेक्टर के तीन-चार किलोमीटर भीतर तक घुसे थे. किसी भी तरह का कोई नुक़सान नहीं हुआ है और कोई हताहत नहीं हुआ है.''

बालाकोट पाकिस्तान ख़ैबर पख़्तुनख़्वा प्रांत के मनशेरा ज़िले में है. यह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद 160 किलोमीटर की दूरी पर है.

कश्मीर में जब 2005 में भूकंप आया तो बालाकोट पूरी तरह से बर्बाद हो गया था. 2005 के भूकंप के बाद इस शहर को फिर से पटरी पर लाने में काफ़ी वक़्त लगा था. इस शहर को फिर से बनाने में सऊदी ने भी काफ़ी मदद की थी.

7.6 की तीव्रता वाले भूकंप में बालकोट के 12 यूनियन काउंसिल दब गए थे और इनमें कम से कम 40 हज़ार लोगों के घर थे. बालाकोट पर्वतीय और बेहद ख़ूबसूरत इलाक़ा है. ख़ैबर पख़्तुनख़्वा और गिलगित बल्टिस्तान सुहाने मौसम के लिए जाने जाते हैं.

बालाकोट कुनहर नदी के तट पर है. बालाकोट अपनी ख़ूबसूरती के अलावा विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के लिए जाना जाता है. बालाकोट पाकिस्तान में पर्यटन के लिए काफ़ी लोकप्रिय है. बालाकोट सिंधु घाटी सभ्यता के चार प्राचीन तटीय इलाक़ों में से एक है.

Wednesday, February 20, 2019

मोदी ने कहा- आतंक फैलाने वालों पर दबाव बनाने की जरूरत; सऊदी प्रिंस ने कहा- इस मुद्दे पर हम भारत के साथ

नई दिल्ली. भारत ने बुधवार को सऊदी अरब के सामने पुलवामा हमले का मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन सऊद की मौजूदगी में कहा कि आतंकवाद फैलाने वालों पर दबाव बनाने की जरूरत है। वहीं, सऊदी क्राउन प्रिंस ने इस मुद्दे पर भारत का पूरा साथ देने का वादा किया। हालांकि, उन्होंने पुलवामा हमले का नाम नहीं लिया। इससे पहले दोनों देशों के बीच पांच करार हुए।

साझा बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘प्रिंस सलमान का भारत के पहले दौरे पर स्वागत करते हुए खुशी है। दोनों देशों के बीच संबंध निकट और पुराने रहे हैं। आपके मार्गदर्शन से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में मधुरता आई है। इक्कीसवीं सदी में सऊदी अरब भारत की ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि हम द्विवार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए तैयार हुए हैं। आज हमने संबंधों पर व्यापक चर्चा की है। आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर लेकर जाने का फैसला किया है। मैं भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में सऊदी के निवेश का स्वागत करता हूं। दुनिया की सबसे बड़ी पेट्रोलियम रिफायनरी में सऊदी की भागीदारी उसे बहुत आगे ले जाती है। सऊदी का सहयोग विशेषकर परमाणु ऊर्जा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अहम है। आज हमने कारोबार और पर्यटन को बढ़ाने के लिए सऊदी नागरिकों के लिए ई-वीजा जारी करने का फैसला लिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले हफ्ते पुलवामा में हुआ बर्बर हमला दुनिया पर छाए आतंकवाद के खतरे की क्रूरता की निशानी है। हम इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को बढ़ाने और समर्थन देने वाले देशों पर संभव दबाव बनाने की जरूरत है। आतंकियों और इसके समर्थकों को सजा दिलाना बहुत जरूरी है, ताकि वे युवाओं को हिंसा के रास्ते पर चलने के लिए गुमराह न कर पाएं। मुझे खुशी है कि हम दोनों देश इस बारे में एक जैसे विचार रखते हैं।’’

हम कृषि-ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ सकते हैं : प्रिंस सलमान

क्राउन प्रिंस ने कहा, ‘‘भारत में डेलिगेशन हेड के तौर पर यह मेरी पहली यात्रा है। दोनों देशों ने पिछले 50 साल में संबंधों में मजबूती हासिल की है। हम कृषि और ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ सकते हैं। हमने 44 हजार अरब डॉलर (करीब 3 लाख 13 हजार करोड़ रुपए) का निवेश किया है। हम चाहते हैं कि दोनों देश मिलकर निवेश को फायदेमंद बनाएं। जहां तक चरमपंथ और आतंकवाद को लेकर हमारे विचार एक जैसे हैं। मैं अपने मित्र भारत से कहना चाहता हूं कि हम खुफिया समेत सभी मोर्चों पर मिलकर काम करेंगे। हम आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेंगे। न्योते के लिए हम आपका शुक्रिया अदा करना चाहते हैं।’’

क्राउन प्रिंस ने पाकिस्तान में भारत-पाक को वार्ता करने का सुझाव दिया था

पुलवामा हमले के छह दिन बाद सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन सऊद भारत दौरे पर आए हैं। वे इससे पहले पाकिस्तान गए थे। वहां उन्होंने पाकिस्तान के साथ 20 अरब डॉलर (करीब 1 लाख 43 हजार करोड़ रुपए) का करार किया था। सऊदी अरब पाकिस्तान को पहले से ही छह अरब डॉलर (करीब 43 हजार करोड़ रुपए) का कर्ज दे चुका है। पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ क्राउन प्रिंस ने जो संयुक्त वक्तव्य जारी किया, उसमें उन्होंने भारत-पाक को संवेदनशील मुद्दों पर आपस में वार्ता करने का सुझाव दिया था।

सऊदी भारत का चौथा सबसे बड़ा कारोबारी पार्टनर

सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है। 2017-18 के दौरान दोनों देशों के बीच 1.95 लाख करोड़ का सालाना कारोबार हो रहा था। सऊदी अरब भारत की कुल जरूरत का 17% कच्चा तेल और 32% एलपीजी मुहैया करा रहा है।

Thursday, February 7, 2019

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए भारत को दो मिसाइल डिफेंस सिस्टम देगा अमेरिका

अमेरिका ने भारत को पहली बार मिसाइल डिफेंस सिस्टम बेचने पर सहमति जताई है। 190 मिलियन डॉलर (करीब 1360 करोड़ रुपए) की इस डील के तहत अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन भारत की एयर इंडिया वन को दो मिसाइल डिफेंस सिस्टम देगा। एयर इंडिया वन भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की हवाई सुरक्षा में लगे हवाई दस्ते का नाम है।

अमेरिकी कांग्रेस में जारी हुआ नोटिफिकेशन
ट्रम्प प्रशासन ने बुधवार को ही अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में भारत के साथ इस सौदे की मंजूरी का नोटिफिकेशन जारी किया। इसके तहत अमेरिका जल्द ही भारत को लार्ज एयरक्राफ्ट इन्फ्रारेड काउंटरमेसर्स (लायरकैम) और सेल्फ प्रोटेक्शन सूट्स (एसपीएस) नाम के दो मिसाइल डिफेंस सिस्टम देगा। भारत सरकार ने कुछ ही दिन पहले अमेरिकी सरकार को इन दोनों सिस्टम को खरीदने की अर्जी भेजी थी।

पेंटागन के मुताबिक, इस डील के जरिए भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूती मिलेगी। साथी ही अमेरिकी कूटनीति और विदेश नीति के लिए भी यह एक नया आयाम होगा। 

भारतीय प्रधानमंत्री को मिलेगी एयरफोर्स वन के बराबरी की सुरक्षा
इन डिफेंस सिस्टम्स को बोइंग-777 एयरक्राफ्ट में लगाया जाएगा। भारत सरकार जल्द ही एयर इंडिया से इसके लिए दो बोइंग-777 विमान खरीद सकती है। इन सिस्टम्स के जरिए भारतीय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को मिलने वाली हवाई सुरक्षा अमेरिकी राष्ट्रपति को मिलने वाली सुरक्षा एयरफोर्स वन के बराबर स्तर की हो जाएगी

पायलटों के एक्शन के बिना ही मिसाइल नष्ट कर देगा लायरकैम
अमेरिकी वैज्ञानिकों के संघ के मुताबिक, लायरकैम सिस्टम बड़े विमानों को छोटी मिसाइलों से बचाता है। हमले भांपने के लिए यह सिस्टम एक बार में कई सेंसर इस्तेमाल करता है। विमान में फिट होने के बाद यह क्रू को मिलने वाला वॉर्निंग टाइम बढ़ा देता है। साथ ही यह मध्यम दूरी के मिसाइल सिस्टम पर ऑटोमैटिक तरीके से पलटवार भी कर सकता है। इसके लिए विमान के क्रू को अपनी तरफ से कोई कदम भी नहीं उठाना होता। पायलटों को सिर्फ यह जानकारी मिलती है कि मिसाइल का पता लगाकर उसे नष्ट कर दिया गया।

क्षेत्र में नहीं बिगड़ेगा सैन्य संतुलन
पेंटागन ने साफ किया कि भारत को मिसाइल डिफेंस सिस्टम देने से उपमहाद्वीप में स्थापित सैन्य संतुलन किसी तरह से नहीं बिगड़ेगा। अमेरिका पहले ही भारत को अपने मुख्य रक्षा सहयोगी का दर्जा दिया है। इस ओहदे के चलते ही अमेरिका आसानी से भारत से तकनीक साझा करता है। पिछले साल दोनों देशों ने एक-दूसरे की बेहतर सुरक्षा और संपर्क के लिए कॉमकासा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

Friday, January 25, 2019

पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के घर समेत 30 जगहों पर सीबीआई के छापे

सीबीआई ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के रोहतक स्थित आवास समेत दिल्ली और हरियाणा में 30 से ज्यादा जगहों पर शुक्रवार सुबह छापा मारा। सीबीआई ने यह कार्रवाई गुरुग्राम में जमीन घोटाले से जुड़े मामले में की।

हुड्डा की शुक्रवार को जींद के सेक्टर-9 में रैली होनी थी। सुबह 5 बजे ही सीबीआई ने छापा मारा। भूपेंद्र हुड्डा जींद रैली के चलते रोहतक आवास में ही ठहरे हुए थे। हुड्डा के घर की अलमारियों के ताले खोलने के लिए दो एक्सपर्ट बुलाने पड़े। ये करीब एक घंटा अंदर रहे। उन्होंने बताया कि करीब 6 से 7 अलमारियों के लॉक खोले गए।

सीबीआई के इस छापे को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को गलत तरीके से जमीन आवंटन के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस नेता और पूर्व विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा ने आरोप लगाया है कि जींद उपचुनाव को देखते हुए भाजपा सरकार ने यह कार्रवाई कराई। इस मामले से हुड्डा का कोई लेना देना नहीं है, उन्हें बदनाम किया जा रहा है।

क्या है एजेएल मामला?

एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड कांग्रेस नेताओं और गांधी परिवार के नियंत्रण वाली कंपनी है। कंपनी को हुड्डा के मुख्यमंत्री और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के चेयरमैन रहते प्लॉट रि-अलॉट किया गया। मोतीलाल वोरा एजेएल के चेयरमैन रहे हैं। 

24 अगस्त 1982 को पंचकूला सेक्टर-6 में 3360 वर्गमीटर का प्लॉट नंबर सी-17 तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने एजेएल को अलॉट कराया था। कंपनी ने 10 साल तक कंस्ट्रक्शन नहीं किया तो 30 अक्टूबर 1992 को हुड्डा ने अलॉटमेंट रद्द कर प्लॉट पर वापस कब्जा ले लिया।

28 अगस्त 2005 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हुड्‌डा ने अफसरों के मना करने के बावजूद एजेएल को 1982 की मूल दर पर ही प्लॉट अलॉट करने की फाइल पर साइन कर दिए थे। इसी दौरान पंचकूला में एसोसिएट जर्नल लिमिटेड को जमीन आवंटित की थी।

आरोप है कि एजेएल को यह जमीन आवंटित करने के लिए नियमों की अनदेखी की गई। इससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपए के रेवेन्यू का नुकसान हुआ। ये प्लॉट 496 वर्ग मीटर से लेकर 1280 वर्ग मीटर तक के थे, जिसके लिए हुड्डा के पास 582 आवेदन आए थे। अलॉटमेंट के लिए 14 का चयन किया गया था।

खट्टर सरकार ने सत्ता में आते ही इस मामले की जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दी थी। विजिलेंस ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

सीबीआई को कुछ नहीं मिला- हुड्डा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, "इस तरह की रेड पहले भी होती रही है, ये सब बदले की भावना से किया जा रहा। वे (विपक्षी) सोचते हैं कि मेरी आवाज दबा देंगे लेकिन मेरी आवाज नहीं दब सकती। मैं एक स्वतंत्रता सेनानी परिवार से हूं, अंग्रेज हमारी आवाज नहीं दबा सके तो ये क्या करेंगे? सीबीआई ने मेरे खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज की है, उसी संबंध में रेड हुई। उन्हें कुछ नहीं मिला। हुड्डा ने कहा कि मुझे जींद चुनाव में प्रचार के लिए जाना था लेकिन इस रेड के बाद नहीं जा रहा हूं।"

Thursday, January 17, 2019

ओसाका, हालेप और निशिकोरी तीसरे दौर में पहुंचे; वावरिंका-थिएम बाहर

ऑस्ट्रेलियन ओपन के दूसरे दौर के मुकाबले में नाओमी ओसाका, कैरोलिन प्लिस्कोवा और केई निशिकोरी को जीत हासिल हुई। वहीं, स्विट्जरलैंड के स्टेन वावरिंका को हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम को चोट के कारण रिटायर होकर बाहर जाना पड़ा। चौथी वरीयता प्राप्त जापान की ओसाका ने स्लोवेनिया की तमारा जिडानेक को 6-2, 6-4 से हराया। ओसाका की नजर लगातार दूसरे ग्रैंडस्लैम खिताब पर है। उन्होंने पिछले साल का आखिरी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट यूएस ओपन अपने नाम किया था।

तीन ग्रैंडस्लैम विजेता वावरिंका चार सेट में हारे
महिला एकल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी रोमानिया की सिमोना हालेप भी तीसरे दौर में पहुंच गईं। उन्होंने अमेरिका की 20 वर्षीय सोफिया केनिन को 6-3 6-7(5) 6-4 से हराया। दूसरी ओर, अमेरिका की वीनस विलियम्स ने फ्रांस की एलिजे कॉर्नेट को 6-3 4-6 6-0 से हराया।

छठी वरीयता प्राप्त उक्रेन की एलिन स्वितोलिना ने स्लोवाकिया की विक्टोरिया कुजमोवा को 6-4, 6-1 से हराया। वहीं, सातवीं वरीय चेक गणराज्य की कैरोलिन प्लिस्कोवा ने अमेरिका की मेडिसन ब्रिंगल को 4-6, 6-1, 6-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

पुरुष एकल में जापान के केई निशिकोरी ने पांच सेट तक चले मुकाबले में क्रोएशिया के इवो कार्लोविच को  6-3 7-6(6) 5-7 5-7 7-6(7) से हराया। दूसरी ओर, तीन ग्रैंडस्लैम विजेता वावरिंका को मांटेनेग्रो के मिलास राउनिच ने चार सेटों तक चले मैच में  6-7(4) 7-6(6) 7-6(11) 7-6(5) से हराया।

ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम को चोट के कारण रिटायर होना पड़ा। हालांकि, जब वे मैच से बाहर हुए तब ऑस्ट्रेलिया के वाइल्डकार्ड अलेक्स पॉपिरिन 7-5, 6-4, 2-0 से आगे थे। थिएम की वर्ल्ड रैंकिंग आठ है। वहीं, पॉपिरिन 149वें स्थान पर हैं।

पॉवेल की परेशानी तब और बढ़ गई जब उन्हें पता लगा कि उनके पास पैसे कम बचे हैं, उनका फोन काम नहीं कर रहा और वहां की भाषा नहीं समझ सकते। तभी एक पोलिश समझने वाली महिला उनके पास आई और परेशानी पूछी। महिला ने पॉवेल की बात उनकी बेटी से कराई और पोलैंड की फ्लाइट में टिकट बुक कराया।

पोलैंड की फ्लाइट में बैठने से पहले पॉवेल ने टिकट फ्लाइट स्टाफ को टिकट दिखाया और तस्दीक की कि विमान पोलैंड ही जा रहा है। पॉवेल की बेटी लुसाइना ने बताया- उस वक्त मेरे पास फोन आया था। मैंने देखा कि कॉल माल्टा से था। मुझे उसी वक्त लगा कि कहीं कुछ गलत हुआ है। फिर मैंने देखा कि कोई वॉट्सऐप पर मैसेज लिख रहा है। मैं रोने लगी और डर गई। पापा एक दूसरे देश में थे। मैं समझ ही नहीं पा रही थी कि वो वहां कैसे पहुंचे।

लुसाइना ने यह भी कहा- मैं उन्हें लेकर चिंतित थी। मुझे यही चिंता थी कि अगर कोई उनकी मदद नहीं करेगा तो उनका वापस लौटना मुश्किल होगा। क्योंकि उनके पास पैसे नहीं थे, फोन काम नहीं कर रहा था। सही मायने में वह अकेले थे। लेकिन सबकुछ ठीक हो गया।

Wednesday, January 9, 2019

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में नहीं खेलेंगे बुमरा

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार गेंदबाजी करने वाले जसप्रीत बुमरा वनडे और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का हिस्सा नहीं होंगे. बुमरा को दोनों सीरीज के लिए आराम दिया गया है.

टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया की जीत में बुमरा ने अहम भूमिका निभाई थी और 21 विकेट झटके थे. बुमरा की जगह तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को वनडे टीम में शामिल किया गया है, जबकि सिद्धार्थ कौल को टी-20 टीम में शामिल किया गया है.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि बीसीसीआई ने बुमरा को वनडे और टी-20 सीरीज में आराम देने का फैसला लिया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में बुमरा की जगह मो.सिराज लेंगे और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में सिद्धार्थ कौल उनकी जगह लेंगे.  

बता दें कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट सीरीज जीत में बुमरा के योगदान पर बोलते हुए कहा था कि अगर आपके तेज गेंदबाज खुश हैं और एक टीम के तौर पर लड़ाई कर रहे हैं, तो आप दुनिया में कहीं भी जीत सकते हैं और आपके पास विश्व में कहीं भी जीतने का मौका होता है. कोहली ने कहा कि पिछले 12 महीने में मैं उनके योगदान को उसी तरह से देखूंगा जैसे पूरे सीजन में बल्लेबाजों ने प्रदर्शन किया.

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया में मिली ऐतिहासिक जीत को बड़ी उपलब्धि बताया है. उन्होंने इसका श्रेय टीम की बल्लेबाजी को दिया. बता दें कि टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में खेली गई चार टेस्ट मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की. यह आंकड़ा 3-1 भी हो सकता था, लेकिन चौथे मैच के पांचवें और आखिरी दिन का खेल बारिश के भेंट चढ़ गया और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ.

टीम इंडिया की यह ऑस्ट्रेलिया में पहली सीरीज जीत है. इसी के साथ टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने वाली एशिया की पहली टीम भी बन गई है.गांगुली ने कहा कि यह शानदार जीत है. भारतीय टीम ने अच्छी क्रिकेट खेली और टीम के बल्लेबाजों ने समय पर अच्छा काम किया. उन्होंने 400 से 600 तक रन बनाए और यही जीत का कारण रहा.

विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने वाले भारत के पहले कप्तान बन गए हैं. गांगुली से जब कोहली की टीम की तुलना उस टीम से करने को कहा जिसने गांगुली के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया में सीरीज 1-1 से ड्रॉ कराई थी? इस पर बाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि मैं कभी तुलना नहीं करता. इसलिए मैं इस सवाल का जबाव नहीं दूंगा.

तेम्बा वावुमा (पांच पायदान ऊपर 26वें स्थान) पहली बार शीर्ष 30 में शामिल हुए हैं जबकि कप्तान फाफ डु प्लेसिस का छह स्थान का फायदा हुआ है और अब वह 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं. गेंदबाजों में वर्नोन फिलैंडर एक पायदान ऊपर तीसरे जबकि डुआने ओलिवर चार पायदान चढ़कर 32वें स्थान पर पहुंच गए हैं. पाकिस्तानी बल्लेबाजों में असद शाफिक पांच स्थान आगे 24वें जबकि बाबर आजम 25वें स्थान पर पहुंच गए हैं.

शान मसूद 22 पायदान की छलांग लगाकर करियर की सर्वश्रेष्ठ 65वीं जबकि कप्तान सरफराज अहमद 42वें से 37वें स्थान पर पहुंच गए हैं. गेंदबाजों में शाहीन अफरीदी ने 13 स्थान आगे 60वें नंबर पर पहुंच गए हैं. टीम रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं आया है. भारत 116 अंक के साथ शीर्ष पर बना हुआ है. ऑस्ट्रेलिया (101) को एक अंक का नुकसान हुआ लेकिन वह पांचवें स्थान पर बरकरार है. 

Tuesday, January 1, 2019

अमेठी में दावेदारी की जंग, 4 जनवरी को आमने-सामने होंगे राहुल-स्मृति

2019 का आगाज होते ही लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. राजनीतिक पार्टियां अब आम चुनाव को देखते हुए अपने कदम को आगे बढ़ी रही हैं. उत्तर प्रदेश की वीआईपी लोकसभा सीटों में से अमेठी पर भी सभी की नजरें हैं. यहां से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सांसद हैं. 4 जनवरी को राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी दोनों ही यहां का दौरा करेंगे. बता दें कि 2014 में स्मृति ईरानी ने यहां से लोकसभा चुनाव लड़ा था. अब दोनों एक साथ यहां का दौरा कर रहे हैं ऐसे में ये टक्कर दिलचस्प हो सकती है.

भारतीय जनता पार्टी अमेठी को लेकर लगातार अपनी सक्रियता दिखाती रही है. पिछले 15 दिनों में स्मृति का यह दूसरा दौरा है. इससे पहले वह अमेठी को 77 करोड़ योजनाओं की सौगात दे चुकी हैं और उन्होंने यहां नवोदय विद्यालय में रोजगार मेले का शुभारंभ भी किया था.

कई कार्यक्रम में शामिल होंगे राहुल गांधी

अमेठी सांसद के प्रतिनिधि चंद्रकांत दुबे ने बताया कि राहुल गांधी चार जनवरी को दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचेंगे. वह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाईअड्डे पर उतरकर सड़क मार्ग से अमेठी पहुंचेंगे जहां वह विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे.

कंबल बांटने आ रही हैं स्मृति

अमेठी में राघवराम सेवा संस्थान द्वारा चार जनवरी को कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिसमें कार्यक्रम की मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को बनाया गया है.

भाजपा के लोकसभा संयोजक राजेश मसाला की मानें तो केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी चार जनवरी को अमेठी पहुंच रही हैं. इस दौरान वह आवासीय विद्यालय की आधारशिला रखेंगी और अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगी.

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के बाद से भाजपा लगातार अमेठी पर फोकस किए हुए है. अभी बीते दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी अमेठी में एक जनसभा की थी. स्मृति ईरानी भी लगातार यहां सक्रिय रहती हैं.